कला चौपाल

Event details

  • Sunday | February 23, 2020
  • 12:00 pm
  • Rashtriya Manav Sangrahalaya, Bhojpal Taal, Bhopal - 462003, Madhya Pradesh, India
  • 9425014260
  • 200Attendees
  • 10Staff members

कला चौपाल (परम्परागत मीडिया चौपाल)

हमारी मान्यता है कि विभिन्न कलाएं संचार के आधारभूत माध्यम हैं l इस आधार पर भारतीय कलाएं पारम्परिक मीडिया या संचार माध्यम की मूल हैं l यद्यपि तकनीकी विकास के दौर में कलाएं उपेक्षित हैं l तकनीकी या डिजिटल माध्यमों का विस्तार परम्परागत संचार माध्यमों की क्षति का कारण बन रही हैं l भारतीय कलाएं मानव आधारित हैं, जबकि आधुनिक संचार (डिजिटल) माध्यम तकनीक आधारित l क्या तकनीक का अत्यधिक विस्तार मानवीय संचार प्रणाली और कलाओं के लिए चुनौती है ? डिजिटल संचार माध्यम कलाओं के विस्तार और उनकी समृद्धि में सहायक है या बाधक ? मानवीय सभ्यता को सशक्त और समृद्ध बनाने में विभिन्न भारतीय कलाएं – संगीत, गायन, चित्रांकन (पेंटिंग), मूर्तिकला, प्रवचन, कथा-वाचन, लोक-गायन, लोक-नृत्य आदि की क्या भूमिका है ? क्या डिजिटल संचार माध्यम और परम्परागत संचार माध्यम परस्पर विरोधी हैं ? इनके परस्परावलंबी होने की गुंजाईश और संभावना है या नहीं ?

कला चौपाल में डा. चंद्रप्रकाश द्विवेदी, श्रीमती मालिनी अवस्थी, श्री आशुतोष राणा, डा. सच्चिदानंद जोशी, श्री तोची रैना, श्री सरोज सुमन, श्री प्रहलाद सिंह टिपनिया, श्री कपिल तिवारी, श्री आलोक चटर्जी, श्रीमती विम्मी मनोज, श्रीमती रेखा भटनागर, इत्यादि बतकही, वार्ता, चर्चा और विचार-विमर्श के लिए आमंत्रित हैं l