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मीडिया चौपाल महोत्सव में राष्ट्रवाद,राष्ट्रीय सुरक्षा और पत्रकारिता पर मंथन

2018 भोपाल: मध्यप्रदेश में पत्रकारों पर हो रहे लगातार हमलों को लेकर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि अब मध्यप्रदेश में पत्रकारों की सुरक्षा के लिए भी कानून बनाएंगे। इसके लिए कानून के जानकारों के साथ ही विषय विशेषज्ञों से सलाह-मशविरा करेंगे। उन्होंने कहा कि ये भी तय करना होगा कि कानून का दुरूपयोग न हो। मुख्यमंत्री ने कहा कि देश की सुरक्षा के साथ-साथ हमें हर वर्ग की सुरक्षा भी करनी होगी। इसके लिए मध्यप्रदेश में सरकार ने कई अहम पहल भी की है। हमने बेटियों, महिलाओं की सुरक्षा के लिए कानून पारित किया है। इसमें आरोपियों को फांसी की सजा का प्रावधान है। इसके अलावा किसानों की सुरक्षा के लिए भी कई अहम योजनाएं शुरू की हैं। मजदूरों की सुरक्षा के लिए असंगठित मजदूर कल्याण योजना शुरू कर रहे हैं। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान मैपकास्ट में चल रहे मीडिया महोत्सव-2018 में बोल रहे थे।

मीडिया महोत्सव के समापन अवसर पर राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने कहा कि भारत की सुरक्षा में जितनी जिम्मेदारी सुरक्षा एजेंसियों की है, जितनी जिम्मेदारी सरकार की है उतनी ही जिम्मेदारी मीडिया की भी है। उन्होंने कहा कि भारत के लिए साईबर हमला भी बड़ी चुनौती है। इससे निपटने के लिए सभी को तैयार रहना होगा। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में सूचनाओं के आदान-प्रदान के कई माध्यम बन गए हैं। आज की नई पीढ़ी नई माध्यमों का जमकर उपयोग कर रही है। वरिष्ठ प्रचारक इंद्रेश कुमार ने मीडिया महोत्सव के अंतिम सत्र में आओ मिलकर बनाए नया भारत का संकल्प दिलाया। इसमें उन्होंने 11 संकल्प भी पारित किए और सबसे इन संकल्पों को पूरा करने का आहवान किया। उन्होंने विदेशी माल को नहीं अपनाने, चीनी सामान का बहिष्कार करने, देश को प्रदूषण मुक्त करने सहित 11संकल्प दिलाए। वरिष्ठ चिंतक एवं विचारक गोविंदाचार्य ने कहा कि भारत केवल भूखंड नहीं है। भारत एक सभ्यता है, भारत एक स्मृति है, भारत एक प्राचीन राष्ट्र है। उन्होंने कहा कि पहले पेड न्यूज का चलन था। अब न्यूज मैन्यूफेक्चरिंग होने लगी है। इसलिए मीडिया का स्तर भी गिरने लगा है। सत्र से पहले मीडिया महोत्सव में समन्वय की भूमिका निभा रहे स्पदंन के अनिल सौमित्र ने दो दिनों में हुई चर्चा का स्वरूप बताया। मीडिया महोत्सव में यह भी निर्णय लिया गया कि अगला मीडिया महोत्सव 2019 भी राजधानी भोपाल में आयोजित किया जाएगा। मीडिया महोत्सव में देशभर से 300 से ज्यादा मीडियाकर्मी, ब्लॉगर, लेखक सहित बुद्धिजीवियों ने शिरकत की और अपने-अपने विचार रखे।

मीडिया महोत्सव इतिहास के निर्माण का काम है। मीडिया कर्मियों में तीन प्रकार के लोग हैं- एक वो हैं जो सत्य और सही को भटकाव के रूप में समाज को तोड़ने और देश को बांटने का काम करते हैं। इनको आजकल वामपंथी कहा जाता है। एक वो हैं जिनको समझ नहीं आता है कि सही क्या है और गलत क्या है। एक वो हैं जो सत्य और सही को लेकर समस्या और उसे समाधान के लिए लड़ते हैं, जिनको राष्ट्रवादी कहा जाता है। आज का महोत्सव ऐसे ही मीडिया कर्मियों का महोत्सव है। ये बातें राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के वरिष्ठ प्रचारक इंद्रेश कुमार ने कही। वे मीडिया महोत्सव-2018 के मुख्य वक्ता के रूप में अपना संबोधन दे रहे थे।

उन्होंने कहा कि हजारों साल पहले विश्व में एक आंदोलन चला था, जब दुनिया के हर देश के लोग दूसरे देशों के प्रवास पर थे। दुनियाभर के लोग भारत के प्रवास पर भी आए और भारत के लोग भी अन्य देशों में गए। दुनियाभर के लोगों ने भारत के बारे में लिखा कि अजीब देश है, अजीब गांव है, अजीब घर है, लोग घरों में ताला ही नहीं लगाते। लोगों ने दूसरे देशों के बारे में नहीं लिखा, सिर्फ भारत के बारे में लिखा। कभी ऐसा हुआ करता था हमारा हिन्दुस्तान, लेकिन आज घर में ताला लगाते हैं, हर कमरे में ताला लगाते हैं, हर अलमारी में ताला लगाते हैं और हर अलमारी के लॉकर में ताला लगाते हैं। उन्होंने कहा कि भारत वह देश था, जहां भिखारी नहीं हुआ करते थे, लोग भूखमरी से नहीं मरते थे। उन्होंने कहा कि ये लिखा गया था कि विकास बिना जीवन मूल्यों के नहीं होता है, लेकिन हमने जीवन मूल्यों को खोते-खोते विकास को करप्शन और क्राइम के रूप में तो नहीं स्वीकार कर लिया।

इंद्रेश कुमार ने कहा कि हमारे देश में जन्म लेने वाले हर व्यक्ति के पास मां उपलब्ध है। किसी की जीवित है तो किसी की जीवित नहीं है, लेकिन हमारी सबकी भी एक मां है और वह है भारत माता। इसी तरह पूरी दुनिया की भी एक मां है और वह है धरती माता, इसलिए कहते हैं जो इसे भूमि मानता है वह सगा नहीं जो मातभूमि मानता है वह सच्चा भारतीय है और इंसान है। उन्होंने कहा कि पंडित नेहरू ने मातृभूमि को सिर्फ भूमि मात्र माना, इसलिए 1947 में इसका विभाजन करवा दिया। सुभाष चंद्र बोस, भगत सिंह आजाद, सुखदेव सिंह ने इसे भूमि नहीं माना। उन्होंने मातृभूमि माना। भूमि का सौदा हो सकता है, लेकिन मातृभूमि के लिए संकल्प और बलिदान देना पड़ता है। इसलिए इस सत्य को समझना होगा कि मां संस्कृति है, मातृभूमि जीवन मूल्य है।

इससे पहले राजधानी के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद परिसर में आयोजित दो दिवसीय मीडिया महोत्सव-2018 भारत की सुरक्षा : मीडिया, विज्ञान एवं तकनीकी की भूमिका का शुभारंभ हुआ। मीडिया महोत्सव का उद्घाटन सत्र सुबह 11 बजे शुरू हुआ। कार्यक्रम की शुरूआत में मुख्य अतिथि संघ के वरिष्ठ प्रचारक इंद्रेश कुमार, विशिष्ट अतिथि भाजपा प्रवक्ता प्रेम शुक्ला, आयोजन समिति के अध्यक्ष एवं पूर्व डीजीपी एसके राउत सहित अन्य अतिथियों ने दीप प्रज्ज्वलन किया। इसके बाद मीडिया महोत्सव में समन्वय का काम देख रहे अनिल सौमित्र ने मीडिया महोत्सव के बारे में बताया। मंच संचालन का जिम्मा वरिष्ठ पत्रकार प्रकाश हिन्दुस्तानी ने संभाला।

देश की सवा करोड़ जनता की अपनी-अपनी एक मां है। कुछ जीवित हैं तो कुछ मर गईं हैं, लेकिन इन सबकी भी एक मां है भारत माता। इसी तरह इस दुनिया की भी एक मां है धरती मां। कांग्रेस ने इस मातृभूमि को कभी मां नहीं माना। यदि मां माना होता तो देश का विभाजन नहीं होता। कांग्रेस ने देश को आजादी नहीं दिलाई, बल्कि विभाजन कराया है। ये विचार संघ के वरिष्ठ प्रचारक इंद्रेश कुमार ने व्यक्त किए। वे राजधानी में आज से शुरू हुए मीडिया महोत्सव-2018 में मुख्य वक्ता के तौर पर बोल रहे थे।

भारत की सुरक्षा और मीडिया, विज्ञान एवं तकनीकी की भूमिका पर आधारित इस मीडिया महोत्सव में शामिल होने आए इंद्रेश कुमार ने कवि के शब्दों में बोलकर अपनी मंगलकामनाएं देते हुए कहा कि –

है समय नदी की बाढ़ कि जिसमें सब बह जाया करते हैं।

है समय बड़ा तूफान प्रबल पर्वत झुक जाया करते हैं।।

अक्सर दुनियां के लोग समय में चक्कर खाया करते हैं।

लेकिन कुछ ऐसे भी होते हैं, इतिहास बनाया करते हैं।।

उन्होंने कहा कि यदि नेहरू चाहते तो देश का विभाजन कभी नहीं होता। वरिष्ठ पत्रकार एवं भाजपा के प्रवक्ता प्रेम शुक्ला ने कहा कि वे 2010 में भी एक आयोजन में शामिल होने आए थे और उस समय भी भारत की सुरक्षा पर उन्हें बोलने का मौका मिला था। यही मौका आज भी मिला है। उन्होंने कहा कि 2018 का मीडिया देश की सुरक्षा के प्रति ज्यादा गंभीर है। इससे पहले मीडिया महोत्सव के बारे में बताते हुए महोत्सव के समन्वयक अनिल सौमित्र ने कहा कि यह महोत्सव वर्ष 2012 से किया जा रहा है। इसमें मीडिया के साथ ही विचारक, चिंतक, राजनीतिक, सामाजिक लोग बैठकर मीडिया की भूमिका सहित देश की रक्षा आदि विषय पर ङ्क्षचतन करते हैं। समारोह में मुख्य रूप से प्रदेश के डीजीपी ऋषि शुक्ला, एडीजी अरूणा मोहन राव सहित देशभर से पधारे वरिष्ठ पत्रकार, ब्लॉगर एवं चिंतक मौजूद रहे।

Src – MPONLINE

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